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दिव्‍यांग बच्‍चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं Ginny’s Planet और Smart Cookie

Ginny’s Planet से लेकर Smart Cookie तक ऐसे कई शिक्षण संस्‍थान हैं जो विकलांग बच्चों की शिक्षा में काफी मदद कर रहे हैं, उन्‍हें आत्‍मविश्‍वास से भर रहे हैं एवं समाजिक रूप से उन्‍हें और अधिक मजबूत बना रहे हैं

एडिट: ऋतु वर्षा | February 12, 2024 Read In English

नई दिल्ली: मिलिए गिन्नी से! एक व्यस्त लड़की, जो जिज्ञासु है और इसे मौज-मस्ती करना बहुत पसंद है. शारीरिक चुनौतियों के साथ जन्मी इस लड़की का एक हाथ रेडियल क्लब का है और उसके दो हाथों में कुल नौ उंगलियां हैं. गिन्नी अपनी विजन प्रॉब्लम्स को मैनेज करने के लिए एक मोटा और भारी चश्मा भी पहनती है. लेकिन गिन्नी कोई आम गुड़िया नहीं है इसका बड़ा उद्देश्य दिव्‍यांग बच्‍चों को शिक्षा प्रदान करना एवं उन्‍हें मानसिक रूप से मजबूत बनाना है.

गिन्नी के निर्माण के पीछे 2019 से काम कर रहे एक सामाजिक उद्यम गिन्नीज प्लैनेट की सह-संस्थापक श्वेता वर्मा हैं. श्वेता 2002 से विकलांगता अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर के रूप में काम कर रही हैं.

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Ginny’s Planet शुरू करने के पीछे की प्रेरणा शेयर करते हुए श्वेता कहती हैं,

“विकलांगता अधिकार के क्षेत्र में, मैं 2002 से काम कर रही हूं लेकिन इसलिए मैंने Ginny’s Planet की शुरुआत नहीं की. Ginny’s Planet शुरुआत तब की गई जब मेरा बेटा 2016 में कई स्वास्थ्य स्थितियों और विकलांगता के साथ पैदा हुआ. तब मैंने सोचा कि मैं लंबे समय से दिव्‍यांग वयस्कों के साथ काम करती रही हूं लेकिन बच्चों के साथ भी काम करने की बहुत आवश्‍यकता है ताकि उन्‍हें छोटी उम्र में ही यह एहसास हो सके कि अलग होना ठीक है.”

गिन्नी और उसकी कहानी, सैकड़ों बच्चों को आत्‍मविश्‍वास से भरने में मदद कर रही है. 2019 से, गिन्नी विभिन्न रूपों और कार्यशालाओं के माध्यम से 3,500 से अधिक बच्चों की दोस्त बन चुकी है जिसमें साहिबा एवं गुरिशा भी शामिल हैं.

दिव्‍यांग बच्‍चों के जीवन में गिन्नी द्वारा लाए गए सकारात्मक बदलाव के बारे में बात करते हुए, दिव्‍यांग बच्‍ची की मां अमरदीप कौर कहती हैं,

“मेरी छोटी बच्‍ची भी चश्मा पहनती है और अब आत्म-जागरूक महसूस करती है. वह हमेशा मुझसे कहती रहती थी कि वह चश्मा नहीं पहनना चाहती क्योंकि लोग उसका मजाक उड़ाते हैं इसलिए वह कॉन्टैक्ट लेंस पहनना चाहती है. लेकिन फिर वह गिन्नी की कार्यशाला में आई और उसके मन में यह भाव बैठ गया कि आप जैसे हैं वैसे ही खुद को स्वीकार करें, दूसरों का मजाक न उड़ाएं, लेकिन खुद को स्वीकार करें.”

Ginny और उसका Planet एक ऐसी दुनिया बनाना चाहते हैं जहां हर बच्चा यह माने कि उसके पास अधिकार, सम्मान और विकल्प हैं और वह जैसा भी है, ठीक है.

Ginny’s Planet की तरह ही Smart Cookie भी दिव्‍यांग बच्‍चों के लिए एक शिक्षण संस्‍थान है. Smart Cookie माता-पिता के दृष्टिकोण से दिव्‍यांग बच्‍चों के पालन-पोषण की यात्रा सिखाता है. Smart Cookie के सह-संस्थापक अमृत राज और संजना की पालन-पोषण की यात्रा बहुत कुछ सिखाती है.

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Taabur और Smart Cookie के सह-संस्थापक अमृत राज कहते हैं,

“बहुत पहले ही, हमारी पालन-पोषण यात्रा में, मुझे और मेरी पत्नी को पता चला कि हमारी बेटी में कुछ समस्याएं थीं. हमने अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए कई चीजें बनाई ताकि हम आसानी से उसे शिक्षा प्रदान कर पाएं. हमें एहसास हुआ कि हम पावरपॉइंट पर फ्लैशकार्ड बना रहे थे, उन्हें लेमिनेट करवा रहे थे, हमारा घर ऐसी सभी चीजों से भर गया था जो हमने अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए बनाई थीं. हमने महसूस किया कि ये तरीके अन्य दिव्‍यांग बच्‍चों के माता-पिता को भी उपलब्ध कराये जाने चाहिए. आज, हमारे पास भारत के प्रधानमंत्रियों की वास्तविक तस्वीरों के फ्लैशकार्ड हैं जो वॉटर एवं स्क्रैच हैं. हमने इनमें एक क्यूआर कोड दिया है ताकि ये डिजिटल रूप से उपलब्ध हो पाएं. आप इन्हें अपने फोन, टैबलेट, लैपटॉप आदि पर डाउनलोड कर सकते हैं, इसलिए, जब भी आप यात्रा कर रहे हों, तो आपको 20 बक्से ले जाने की जरूरत नहीं है, ये सामग्रियां आपके फोन या टैबलेट पर भी उपलब्ध हैं.”

हर बच्चा अलग होता है और उसके सीखने के तरीके भी अलग होते हैं. Smart Cookie का दृष्टिकोण दिव्‍यांग बच्‍चों की शिक्षा को बढ़ावा देना और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की जरूरतों के बारे में जागरूकता फैलाना है क्योंकि सही प्रकार का समर्थन मिलने से बहुत फर्क पड़ सकता है. Smart Cookie की डिजिटल सुविधाएं दिव्‍यांग बच्‍चों के माता-पिता एक आसान रास्‍ता उपलब्‍ध करातीं हैं जिससे वह चलते-फिरते अपने बच्‍चो को शिक्षा प्रदान करा पाएं.

Ginny’s Planet और Smart Cookie दोनों संस्‍थान का एक ही मिशन है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही यह समझने में मदद करना कि समाज विविधता और समावेशन के साथ फलता-फूलता है.

अपने अनूठे दृष्टिकोण के माध्यम से यह संस्‍थान में दिव्‍यांग बच्‍चों में स्वीकृति और बीज बो रहे हैं, एक ऐसे भविष्य को बढ़ावा दे रहे हैं जहां हर बच्चा मूल्यवान महसूस करे.

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इस पहल के बारे में

समर्थ, हुंडई द्वारा एनडीटीवी के साथ साझेदारी में शुरू हुई एक पहल है जिसका मकसद समावेशिता को बढ़ावा देना, नजरिए को बदलना और दिव्‍यांग लोगों के लिए जीवन की गुणवत्ता को सुधारना है.

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